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कभी सोचा है किस दोष के कारण पैदा होता है किन्नर



आज हम आप ओ बता रहे है ऐसे कुछ राज़ जो शायद ही आप को पता होंगे वैसे तो अपने घरों के आसपास किसी ख़ुशी के मौके पर किन्नरों को नाचते तो देखा ही होगा। और आप को ये भी बता दे की चाहे वो शादी-ब्याह हो या फिर बच्चे का मुंडन नहीं तो रोड साइड कहीं गाते-बजाते या फिर किसी ट्रेन में पैसे मांगते तो देखा ही होगा।एक बात और जब भी मैंने इनको देखा है, तो तमाम तरह के सवाल मेरे ज़हन में आये हैं। वैसे तो यह कैसे रहते होंगे? किस वजह से ये ऐसे पैदा हुए? या फिर इनकी शारीरिक इच्छाएं क्या होती होंगी।

आप को ये भी बता दे की सब सवालों में से सबसे ज़्यादा जिस बारे में जानने की इच्छा रहती थी, और वो ये था कि आखिर इन लोगो का ऐसे पैदा होने का कारण क्या है। वैसे तो आखिर क्यों ये न ही लड़की की तरह दिखते हैं और साथ की साथ न ही किसी लड़के की तरह क्या ऐसा और इनके मां-बाप में कमी के कारण होता है?

 किन्नर होने का कारण क्या है




हम  आप को ये भी बताना चाहते है की शायद आप लोगों में भी कुछ-एक को इस बात को जानने की इच्छा होगी। और एक बात आज हम आपको बताएंगे ज्योतिष शास्त्र में छुपे वो तथ्य, जो बताते है कि एक किन्नर के किन्नर होने का कारण क्या है। वैसे तो ये भी बता दे की व्यक्ति की कुंडली यह भी बता सकती है कि और उसमें कितनी प्रजनन क्षमता है।एक बात और किसी व्यक्ति के नपुंसक होने का प्रमाण उसकी कुंडली भी दे सकती

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 

आप को ये भी बता दे की ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्मपत्री के आठवें घर में शुक्र और शनि मौजूद हों और इन्हें गुरू, चन्द्र नहीं देख रहे हों तो व्यक्ति नपुंसक हो सकता है।



वैसे तो आप को ये भी बता दे की कुंडली में जिस घर में शुक्र बैठा है उससे छठे या आठवें घर में शनि है और तो व्यक्ति में प्रजनन क्षमता की कमी हो सकती है। एक बात और किसी शुभ ग्रह की दृष्टि है, तो इस तरह की समस्या से बचाव होता है।

जन्म के समय कुंडली

लास्ट मे बात करते है की जन्म के समय कुंडली में शनि छठे या बारहवें घर में, कुंभ या मीन राशि पर हों, साथ में एक बात और ऐसे में कोई शुभ ग्रह शनि को नहीं देख रहा हो और तो व्यक्ति में प्रजनन क्षमता की कमी हो जाती है और व्यक्ति किन्नर हो सकता है।



वैसे तो साथ की साथ मेष, मिथुन, सिंह, तुला, धनु, कुंभ लग्न हो और वृष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, मकर, मीन राशि में मंगल हो और इसकी दृष्टि लग्न स्थान यानी पहले घर या पहले घर के स्वामी पर हो, तो व्यक्ति में अविकसि‌त जननांग हो सकता है। एक बात और वीर्य की अधिकता होने से पुरुष संतान और रक्त की अधिकता से कन्या संतान की प्राप्ति होती है। पर अब जो जब गर्भ धारण में रक्त और रज की मात्रा बराबर हो जाती है, और तो व्यक्ति नपुंसक पैदा होता है।

ज्योतिष शास्त्र और ग्रह योग 



लास्ट में हम आप को ये भी बता दे की ज्योतिष शास्त्र में कई और ग्रह योग बताए गए हैं, और तो और जिनके कारण व्यक्ति किन्नर पैदा होता है। और तो वैसे शास्त्रों के अनुसार पूर्व जन्म के पाप कर्मों के कारण व्यक्ति को किन्नर रूप में जन्म लेना पड़ता है। साथ में जब शास्त्रों में इसे शाप से पाया हुआ जीवन कहा जाता है। और अर्जुन शाप के कारण किन्नर हुए थे और शिखंडी पूर्व जन्म के कर्मों से।





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